देश भक्ति सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि दिल की वह धड़कन है जो हर भारतीय के सीने में बसती है। जब तिरंगा रहता है, तब हर दिल अपने आप गर्व से भर जाता है। देशभक्ति शायरी उस भावना की आवाज है, जो शब्दों के जरिय हमारे जज्बातों को जिंदा करती है।
इस Desh Bhakti Shayari In Hindi आपको देश भक्ति 2 लाइन शायरी हिंदी, Desh Bhakti Attitude Shayari,दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी, Emotional Desh Bhakti Shayari,Desh Bhakti Shayari Emage आदि पढ़ने को मिलेगा। इन्हें आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस या अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते हैं। और इस लेख को एक बार पूरा जरूर पढ़े।
Desh Bhakti Shayari In Hindi

तीन रंग का वस्त्र नही,
ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा,
हम बुलबुलें हैं इसकी, ये गुलसिताँ हमारा।
ये जोश कभी कम नहीं होगा,
वीरों के बलिदानों से आया है।
कितनो ने लहू बहाया है,
तब जा के तिरंगा पाया है ।।

तिरंगा लहराता रहे
देश की शान बढ़ती रहे
हर भारतवासी के दिल
में देशभक्ति जगती रहे
इस बार हिमालय की चोटी से
जाके इसको लहराना है,
इसके खातिर जाँ भी दे देंगे
ये हम सबने ठाना है।
अंगारा जल पड़ा है अब सीने में
दुश्मनों के छक्के छुड़ा जायेंगे
इस गर्म लहू के धधकती आग में
उनके सारे अरमान मुरझा जायेंगे ।।
जो लहू है जिगर में
बह जाने दो
वतन की धरा को
सींच जायेंगे हम
रहेगा खिला जब
चमन ये हमारा
देखकर इसकी शान
मुस्कुराएंगे हम।

इस बार हिमालय की चोटी पे जाकर
इसको लहराना है, इसके खातिर जाँ
भी दे देंगे ये हम सबने यह ठाना है।
स्वतंत्रता की लौ को सदा जलाए रखना
देश के लिए अपना फर्ज निभाए रखना
हम बलिदानों के आदी है,
उस हिन्द के फौलाद हैं।
जिस माटी में थे जन्मे भगत सिंह,
हम उस माटी के औलाद हैं ।।
है बसंती चमन, इसका नीला गगन
इसकी छटा भी निराली है
हम हैं पहरेदार इसी के
करनी हमें रखवाली है ।।
दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी

या तो मैं तिरंगा गाड़ के आऊंगा,
या फिर तिरंगे में लिपट के आऊंगा।
हर करम अपना करेंगे
ऐ वतन तेरे लिए,
दिल दिया है,
जान भी देंगे
ऐ वतन तेरे लिए।
इन रंगों में बलिदानों
का रंग तुम्हे मिल जायेगा,
ओढ़ तिरंगा निकलोगे तो अहसास तुम्हे हो जाएगा।
वतन की मोहब्बत में खुद को तपायेंगे,
जहां जरूरत होगी अपनी जान लुटायेंगे।
ऐ मेरे वतन के लोगों,
ज़रा आँख में भर लो पानी,
जो शहीद हुए हैं उनकी,
ज़रा याद करो क़रबानी। 💖
जिंदगी जब तुझको समझा,
मौत फिर क्या चीज़ है,
ऐ वतन तू ही बता,
तुझसे बड़ी क्या चीज़ है।
हौसला न हारी,
हिम्मत न हार,
देश की मिट्टी में बसा है,
असली प्यार।
ज़िंदगी जब तुझको समझा,
मौत फिर क्या चीज़ है,
ऐ वतन तू ही बता,
तुझसे बड़ी क्या चीज़ है।

दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान है
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक
तुझ में जान है !
गूंज रहा है दुनिया में हिंदुस्तान का नारा,
चांद पर लहरा रहा है तिरंगा हमारा।।
छोड़ कर अपने सपनों को,
सरहद पर जवानी लुटाई है
मातृभूमि तेरे रखवालों ने,
कितनी गोलियां सीने पर खाई हैं !
गंगा की पवित्रता हिमालय की ऊंचाई
इस देश की संस्कृति में है अनोखी सुंदरता समाई
नफरतों से दूर रहो,
मोहब्बत से देश बनाओ।
अपने तिरंगे को सबसे
ऊँचा उठाओ।
मैं इसका हनुमान हूँ,
ये देश मेरा राम है,
चीर के देख लो सीना मेरा
— इसमें भी हिंदुस्तान है।
मिट्टी की जो खुशबू है, वो कहीं और नहीं।
हिंदुस्तान से प्यारा कोई देश और नहीं।
Desh Bhakti Attitude Shayari

अपनी आज़ादी को हम
हरगिज़ मिटा सकते नहीं!
सर कटा सकते हैं लेकिन
सर झुका सकते नहीं!!
लहराएगा तिरंगा
अब सारे आसमान पर,
भारत का ही नाम होगा
सबकी जुबान पर।

देश के लिए मर मिटना
कुबूल है हमें,
अखंड भारत के सपने का
जूनून है हमें
तिरंगे की आन का भी नशा है,
तो कुछ मातृभूमि के प्रेम का नशा है।
सभी का ख़ून है शामिल
यहाँ की मिट्टी में
किसी के बाप का
हिन्दुस्तान थोड़ी है
जो फूल था कभी अब
अंगारा हो गया ।
ये दुश्मन तेरे खातिर गर्म लहू
हमारा हो गया है ।।
जो अब तक ना खौला
वो खून नही पानी हैं,
जो देश के काम ना आये
वो बेकार जवानी हैं

हम फौलादी जिगर वाले हैं
वतन पर खुद को लुटा देंगे
हमसे यूं न टकराना कभी
हस्ती तुम्हारी सब मिटा देंगे ।।
दिल में जूनून आँखों में देशभक्ति
की चमक रखता हूँ,
दुश्मन की जान निकल जाए आवाज में
इतनी दमक रखता हूँ।
देश भक्ति 2 लाइन शायरी हिन्दी

इसकी शान निराली है
इसकी पहचान निराली है
इस पर जान मिट जाए
ऐसी जान फिर किस्मत वाली है।।
मर मिटेंगे हम अपने वतन के लिए ,
जान कुर्बान है प्यारे चमन के लिए
हमसे हमारी अब हसरत न पूछो
बाँध रखा सर पे तिरंगा
कफ़न के लिए ।।
जाँ हथेली पर रखकर
दुश्मन को ललकारा है
सौ जींवन कुर्बान हैं इसपर
ये जान से भी हमको प्यार है ।
हमको जाँ से भी प्यारा लगे है
सारे जहाँ से भी प्यारा लगे है
हर ख़ुशी इसके आगे है फीकी
अब तो वतन ख़ुशी हमारा लगे है।
Emotional Desh Bhakti Shayari in Hindi

वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है,
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं!
चाहे जान की बाजी लगा देंगे हम
दुश्मनों को वतन से मिटा देंगे हम
है कसम इस तिरंगे
की वतन के लिए
ये तिरंगा उनके सीने
पर लहरा देंगे हम।
काश मरने के बाद भी
वतन के काम आता
शहीदों के दुनिया में
अपना भी नाम आता
हंस के लुटा देते जान इस वतन के लिए
कोई फिक्र नहीं होती
अगर ऐसा मुकाम आता।।
यही है गंगा,
यही हैं हिमालय,
यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये
अपना हिन्दुस्तान हैं।
लिख रहा हूँ मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा
किसी गजरे की खुशबु को
महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को
चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू
लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को
तरसता छोड़ आया हूँ।
ना सरकार मेरी है
ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी
बात का गव्र है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ
और हिन्दुस्तान मेरा है,
झुकने न देंगे तेरे स्वाभिमान को
चाहे दावं पर लगानी पड़े जान को
हम मिट गए तो
कुछ गम नहीं
मिटने न देंगे तेरी पहचान को ।।
अब है तुम्हारा फर्ज इसे
आगे लेकर जाना है,
इस झंडे को दुश्मन की
छाती पर फहराना है।।
राज तिलक और भगत गुरु
ने लहू से अपने सींचा है,
तब जाके हरा-भरा अपना
आज बगीचा है ।।
कतरा-कतरा मेरे लहू का
इस वतन के काम आएगा
मेरे जाने के बाद भी तिरंगा
हिमालय पर ऐसे मुस्कराएगा।
इसके वाश्ते अपनी जाँ
तक लुटा देंगे हम
हमसे टकराए तो उसकी
हस्ती मिटा देंगें हम
सर हिमालय का हम
न झुकने देंगे कभी
इसकी चोटी पर तिरंगा
फहरा देंगे हम ।