Kisan Shayari In Hindi | किसान शायरी 2 लाइन हिंदी

 

किसान को अन्नदाता कहा जाता है।हम सब जानते हैं कि किशान सबसे ज्यादा मेहनत करता है। और उनकी आर्थिक स्थिति आज भी इतनी अच्छी नहीं है जितनी होनी चाहिए। जब हम किसी किसान के दर्द या उसकी भावनाओं को व्यक्त करना चाहते हैं तो हम शायरी या किसी कविता का सहारा लेते हैं। आज हम इस आर्टिकल में किशान पर शायरी लेकर आए हैं। जो किसान की भावनाओं को व्यक्त करती है।

इस Kisan Shayari In Hindi लेख में आपको आज की सबसे बेस्ट शायरियों का कलेक्शन पढ़ने को मिलेगा। जिसमें आपको किसान शायरी 2 लाइन हिंदी,Kisan Shayari In Hindi, Kisan Shayari On Life, Dard Kisan Shayari Hindi, Kisan Shayari Attitude आदि आपको इसमें मिलेगा। जो आपको बहुत पसंद आएगा। इन्हें आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी लगा सकते हो। एक बार इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े।

Kisan Shayari In Hindi

Kisan Shayari In Hindi

हर मौसम से लड़ना उसकी पहचान है,
किसान ही भारत की असली शान है।

 

 

ज़मीन की ख़ुशबू में
बसता है किसान का प्यार,
हर बूंद पसीने की बदल
देती है अंधियार।

 

 

जिसके हाथों में मिट्टी लग जाती है,
उसकी मेहनत से दुनिया मुस्कुराती है।

 

 

 

 

मिट्टी में उसने जिंदगी बसा रखी है,
मेहनत से अपनी दुनिया सजा रखी है।

 

Kisan Shayari In Hindi

खेतों की मेहनत है उसकी असली शान,
किसान की मेहनत है देश की जान।

 

 

मैं किसान हूँ मुझे
भरोसा हैं अपने जूनून पर,
निगाहे लगी हुई है आकाश
के मानसून पर!

 

 

जिस दिन किसानों की
तकदीर पलट जाएगी,
उस दिन भारत के तरक्की
की तस्वीर बदल जाएगी!

 

 

किसान खुल के हँस तो
रहा हैं फ़क़ीर होते हुए,
नेता मुस्कुरा भी न
पाया अमीर होते हुए!

 

 

सुबह चार बजे उठता है,
रात ग्यारह को सोता है,
किसान की mehnat
का हिसाब कौन रखता है,

 

 

किसानो से अब कहाँ
वो मुलाकात करते हैं,
बस ऱोज नये ख्वाबो
की बात करते हैं!

 

 

 

मिट्टी से उठती है उसकी पहचान,
किसान की मेहनत से सजता हर
गाँव-शहर का मान।

 

 

छत टपकती हैं
उसके कच्चे मकान की,
फिर भी “बारिश” हो जाये,
तमन्ना हैं किसान की!

 

Kisan Shayari In Hindi

हल चलाए वो, धरती मुस्काए,
किसान की मेहनत हर घर तक जाए।

 

 

भ्रष्टाचारी सरकारें सत्ता से भगाई जायेगी,
किसानों की सोई हुई किस्मत जगाई जायेगी!

 

 

किसानों का हाल हमेशा बदहाल होता है,
सरकार कोई भी हो सिर्फ बवाल होता है!

 

 

किसान शायरी 2 लाइन हिंदी

 

किसान शायरी 2 लाइन हिंदी

फसल की हर कतार
में है उसका प्यार,
किसान की मेहनत
से खिलता संसार।

 

 

कृषि विकास के लिए
कार्य सही होना चाहिए,
किसानों के ऊपर कभी
राजनीति नही होना चाहिए!

 

 

जिस दिन किसानों की तकदीर पलट जाएगी,
उस दिन भारत के तरक्की
की तस्वीर बदल जाएगी!

 

 

कहाँ ले जाओगे किसान
के हक का दाना,
इस दुनिया को एक दिन तुमको
भी है छोड़ जाना!

 

 

खेतों में मेहनत 🌱,
दिल में उम्मीद 💛
हर बीज में है
जीवन का गीत 🎶

 

 

एक ईमानदार किसान
को डरे सहमे हुए देखा है,
मेहनत करने के बावजूद
भूख से लड़ते हुए देखा है!

 

 

खेतों का पानी अब
आखों में आ गया हैं,
मेरे गाँव का किसान
अब शहर में आ गया हैं!

 

 

किसान खुल के हँस तो
रहा हैं फ़क़ीर होते हुए,
नेता मुस्कुरा भी न
पाया अमीर होते हुए!

 

 

ज़मीन उसकी साँस है,
फसल उसकी आस है,
किसान के बिना यह देश
एक खाली इतिहास है।

 

 

हर सूखे के बाद बारिश आती है,
किसान जानता है,
ज़िंदगी खुद रास्ता दिखाती है।

 

 

किसानो से अब कहाँ वो
मुलाकात करते हैं,
बस ऱोज नये ख्वाबो
की बात करते हैं!

 

किसान शायरी 2 लाइन हिंदी

बीज बोता है,
उम्मीद जगाता है,
किसान की मेहनत
हर दिल छू जाता है।

 

 

ऐ ख़ुदा बस एक
ख़्वाब सच्चा दे दे,
अबकी बरस मानसून
अच्छा दे दे!

 

Kisan Shayari On Life

 

Kisan Shayari on life

खेत उसकी दुनिया,
मिट्टी उसकी पूजा,
किसान की मेहनत
हर घर में रौशनी लाया।

 

 

फूल खिला दे शाखों पर,
पेड़ों को फल दे मालिक,
धरती जितनी प्यासी हैं
उतना तो जल दे मालिक!

 

 

मिट्टी से जन्मा,
मिट्टी में खपा,
किसान का जीवन
है पल-पल तपा।

 

 

बादल रूठे,
धूप जलाए,
तब भी वो झुका नहीं,
किसान के हौसले को
किसी ने कभी तोड़ा नहीं।

 

 

 

पसीने की हर बूँद
में छुपा है प्यार,
किसान की मेहनत
से सजता संसार।

 

 

ग़रीब के बच्चे भी खाना
खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान खुद
बिक जाते हैं बाजारों में!

 

 

ना भूखा हूँ ना भूखा,
किसी को रहने देता हूँ,
मैं गर्व से कहता हूँ,
मैं “किसान ” हूँ!

 

Kisan Shayari on life

मिट्टी ही माँ है,
मिट्टी ही दुआ,
किसान का रिश्ता
ज़मीन से कभी न टूटा।

 

 

बादल आए,
बादल गए,
नमी बची नहीं,
किसान की उम्मीद की,
कोई कहानी रची नहीं।

 

Dard Kisan Shayari In Hindi

 

Dard Kisan Shayari in Hindi

किसानों का दर्द वो
क्या समझेगे ?
जिन्होंने कभी भी
खेतों में पाँव तक नहीं रखा!

 

 

आँखों में पानी था पर
आसमान से नहीं बरसा,
किसान रोता रहा,
खेत का दर्द किसने परखा।

 

 

चीर के जमीन को,
मैं उम्मीद बोता हूँ…
मैं किसान हूँ,
चैन से कहाँ सोता हूँ…

 

 

लोग कहते हैं बेटी को मार डालोगे,
तो बहू कहाँ से पाओगे?
जरा सोचो किसान को मार डालोगे,
तो रोटी कहाँ से लाओगे?

 

 

मर रहा सीमा पर जवान और खेतों में किसान,
कैसे कह दूँ इस दुखी मन से कि मेरा भारत महान!

 

 

खेती कोई आम इंसान नहीं कर सकता,
वो तो खास इंसान ही करता है,
और वो हमारे देश का किसान है!

 

 

छत टपकती हैं उसके कच्चे मकान की,
फिर भी “बारिश” हो जाये,
तमन्ना हैं किसान की!

 

Dard Kisan Shayari in Hindi

 

खेतों को जब पानी
की जरूरत होती है,
तो आसमान बरसता
है या तो आँखें!

 

 

पसीना बोया, उम्मीद काटी,
यही तो उसका काम है,
किसान से ही यह देश जीता है,
उसी का यह धाम है।

 

 

थका हुआ है पर हारा नहीं,
यही उसकी पहचान है,
किसान है तो दिल में जज्बा,
आँखों में अरमान है

 

 

बारिश की बूँदों से खिलता उसका मन,
किसान की मेहनत
देती हर घर को धन।

 

 

 

खून और पसीने का ब्याज चुका कर,
किसान हमें अनाज देता है!

 

 

अब छोड़ों कीटनाशकों वाली खेती,
आओ शुरुआत करें ऑर्गेनिक वाली खेती!

 

 

पसीने की खुशबू में
बसता उसका प्यार,
किसान की मेहनत से
हर दिल हो शानदार।

 

 

नंगे पैर बारिश में जब किसान खेतों में जाता है,
तभी महकता हुआ
बासमती आपके घर आता है!

 

 

किसान ही तो
भारत देश की शान है,
फिर ठंड में सड़कों
पर क्यों परेशान है?

 

 

धूप में तपता है,
बारिश में भीगता है,
किसान हर मौसम
में देश को जिलाता है।

 

 

Kisan Shayari Attitude

 

Kisan Shayari Attitude

मिट्टी से गहरा रिश्ता रखता हूँ,
किसान का बेटा हूँ गर्व से कहता हूँ!

 

 

ये बरगर, पिज़्ज़े आदि कहा से खाओगे…
जब किसान खेती ही नहीं करेंगा ?

 

 

ना दिखावे में जीते,
ना झूठी शान रखते हैं,
किसान हैं इसलिए
दिल बड़ा रखते हैं।

 

 

मैं हल से डरता नहीं,
धूप-बारिश से खेलता हूँ,
किसान हूँ मैं,
और मेहनत मेरा हथियार है।

 

 

सूरज की तपिश
मुझे हरा नहीं सकती,
किसान हूँ मैं,
और मेहनत मेरी शक्ति है।

 

 

मेरी मिट्टी मेरी ताकत,
मेरी फसल मेरा मान,
किसान हूँ मैं,
और डर को कभी न मान।

 

 

जब खेतो में पसीना किसान का बहता है ।
तब जाकर पेट
इंसान का भरता है ।।

हल मेरी तलवार, मिट्टी मेरा कवच,
किसान हूँ मैं,
और कठिनाई को करता मैं अचंभित।

 

 

भगवान के भरोसे
है ये जमींदार |
सरकारे कोई इनके लिए
जिम्मेदार नहीं ||

 

 

ना दौलत का घमंड,
ना शोहरत का नशा,
किसान की सादगी
सबसे है खास।

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